हरे वस्त्र धारण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने सवामणी समारोह में पहुंचे वृक्षमित्र डॉ. त्रिलोक चंद्र सोनी
देहरादून। अपने हरे वस्त्रों के परिधान से पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण व पौधे उपहार में भेंट करने के संदेश को राजस्थान के जयपुर चैमूं ग्राम मोरीजा सवामणी समारोह में पहुंचे वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी व उनकी पत्नी किरन सोनी उत्तराखंड से अपने साथ ले गए बद्रीनाथ के तुलसी, देववृक्ष रुद्राक्ष व पवित्र गंगा जल लेकर पहुंचे थे जहां वृक्षमित्र दंपत्ति ने संस्कार व हमारे वतन के संपादक राम गोपाल सैनी, श्यामलाल सैनी, राजस्थानी गौ सेवक शेर सिंह, राजस्थान का प्रसिद्ध कलाकार रतन लाल रंगीला को भेंट किया। समारोह को संबोधित करते हुए वृक्षमित्र डॉ सोनी ने कहा में देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों से उतरा हूं मेरे पहाड़ों में प्रकृति ने पेड़ पौधे और पवित्र गंगा जल दिया है जिसे में आप लोगों को भेंट करने के साथ इनके संरक्षण का संदेश देने आया हूं। जब ये प्रकृति है तभी जीवन है प्रकृति में निहित सभी प्राकृतिक संसाधनों का हमें संरक्षण संवर्द्धन कर अपने आनेवाली पीढ़ी के लिए बचाना होगा। राम गोपाल सैनी ने कहा वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी व उनकी धर्मपत्नी किरन सोनी जब हमारे जयपुर राजस्थान में पहुंचे तो उनके हरे रंग के वस्त्र पहनावे से ऐसा लगा कि उत्तराखंड की हरियाली हमारे राजस्थान में दिखाई देने लगी। उनका यहीं त्याग, समर्पण संदेश देता कि हमें अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए। वहीं प्रसिद्ध गौ सेवक शेर सिंह ने कहां जहां लोग दूर दूर से गंगा जल लेने उत्तराखंड हरिद्वार पहुंचते हैं वहीं वृक्षमित्र दंपत्ति गंगा जल लेकर हमारे राजस्थान पहुंचे है इसे कहते हैं अपने सच्चे माटी के पुत्र जो अपने पेड़ पौधों को बचाने के साथ पवित्र गंगा नदी को स्वच्छ रखने का संदेश देते है। धन्य हैं ऐसे लाल को जो अपने प्रदेश के संसाधनों को बचाने में समर्पित है। डॉ सोनी व किरन सोनी ने जयपुर में खाटूश्याम, माल्लेश्वरनाथ, महाराकला, शामोश पेलेश, पारेश्वर महादेव, अंजनी हनुमान मंदिर, ग्राम पंचायत सागोथ तथा मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन किए। समारोह में श्यामलाल माली, रामेश्वरी देवी, राजपाल सैनी, सोमपाल सैनी, होशियार सिंह, तनवर सिंह आदि मौजूद हैं।
