फर्जी शस्त्र लाइसेंस व अवैध हथियारों के खिलाफ एसटीएफ का प्रहार जारी, रुद्रपुर से दो आरोपी अरेस्ट

रुद्रपुर। उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान रुद्रपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन अवैध हथियार, आठ कारतूस और दो फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए हैं। मामले में अब तक सात आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त उत्तराखंड विजन और डीआईपी दीपम सेठ के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के क्रम में एसटीएफ ने रुद्रपुर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन अवैध हथियार, आठ कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के अनुसार उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच की जा रही है। इसी जांच के दौरान कई संदिग्ध लाइसेंस सामने आने पर चार जून को ऊधम सिंह नगर जिले की काशीपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
मामले की विवेचना के दौरान गत रात एसटीएफ और ऊधम सिंह नगर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर काशीपुर क्षेत्र से एक स्विफ्ट कार में रखे चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए थे। जांच में बरामद हथियारों, कारतूसों, कूटरचित लाइसेंसों और वाहन का संबंध काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दीप्ति अग्रवाल से पाया गया। घटना के बाद मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।
एसएसपी एसटीएफ के अनुसार देर रात टीम को रुद्रपुर क्षेत्र में दो व्यक्तियों के पास अवैध हथियार होने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने रुद्रपुर रोडवेज के पास से फरार आरोपी सौरभ अग्रवाल और उसके चालक अमित पाल को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक 12 बोर पम्प एक्शन बंदूक, एक 30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक 32 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ कारतूस व दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि 10 जून को काशीपुर से बरामद स्विफ्ट कार को आरोपी अमित पाल ने साक्ष्य छिपाने और जांच को प्रभावित करने की मंशा से एक पार्किंग स्थल में खड़ा कर दिया था। एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से उस कार की चाबी भी बरामद कर ली है। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके संबंध में सूचनाएं विकसित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जांच के दौरान अब तक कुल 12 अवैध हथियार, 315 कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। इसलिए उत्तराखंड पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई कर रही है। साथ ही राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन अभियान लगातार जारी है। एसटीएफ ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की कोई भी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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