रुद्रप्रयाग के सभी पुलों और सेतुओं का होगा सेफ्टी ऑडिट, डीएम विशाल मिश्रा के सख्त निर्देश
रुद्रप्रयाग। सक्रिय मानसून और लगातार बढ़ रहे भूस्खलन, अतिवृष्टि तथा प्राकृतिक आपदाओं के खतरे के बीच रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग व श्रीनगर, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी पुलों एवं सेतुओं का तत्काल संरचनात्मक सुरक्षा निरीक्षण (सेफ्टी ऑडिट) कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक पुल और सेतु की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति, भार वहन क्षमता, सुरक्षा मानकों तथा संभावित जोखिमों का तकनीकी परीक्षण पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। जहां भी किसी प्रकार की कमजोरी या खतरे के संकेत मिलें, वहां बिना विलंब आवश्यक सुरक्षात्मक एवं सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेफ्टी ऑडिट पूर्ण होने के बाद प्रत्येक पुल एवं सेतु के संबंध में प्रमाणित रिपोर्ट एवं सुरक्षा प्रमाण-पत्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। संबंधित विभाग यह भी प्रमाणित करेंगे कि उनके अधीन सभी पुलों एवं सेतुओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने दो टूक कहा कि मानसून अवधि में जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या जिम्मेदारी से बचने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता, समन्वय और समयबद्धता के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते भू-स्खलन के जोखिम को देखते हुए जिला प्रशासन का यह निर्णय संभावित हादसों की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं समयोचित पहल माना जा रहा है।
