मंत्री रेखा आर्या के पति को हाईकाई ने नहीं मिली राहत
नैनीताल। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुक़दमे को निरस्त करने को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फिलहाल गिरधारी लाल साहू को कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने इस मामले पर सरकार और शिकायतकर्ता से तीन नवंबर तक जवाब पेश कारने को कहा है।
अब मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 नवंबर की तिथि नियत की है। आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। मामले के अनुसार गिरधारी लाल साहू ने याचिका दायर कर कहा था कि उन पर दर्ज मुकदमे में उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे है। उन्हें गलत तरीके से फंसा कर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनकी शादी वर्ष 2004 हुई थी, तब से वे अपनी पत्नी के साथ हैं।
गिरधारी लाल साहू के अनुसार कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की तरफ से दर्ज मुकदमे में उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने को अविवाहित बताकर उनसे शादी की, जबकि वे शादी के वक्त पहले से ही शादी शुदा थे। इसके अलावा जालसाजी रचकर गिरधारी लाल साहू ने अपनी पत्नी रेखा आर्या के फर्जी हस्ताक्षर बना के उन्हें कई कम्पनियों के निदेशक पद से हटा दिया।
इसके अलावा गिरधारी लाल साहू पर उनकी मंत्री पत्नी रेखा आर्या ने जान से मारने की धमकी और जाति सूचक अपशब्द भी कहने का आरोप लगाया गया है। इन सभी आरोपों को गिरधारी लाल साहू ने झूठ बताया है। वहीं कोर्ट में याचिकाकर्ता गिरधारी लाल साहू ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुक़दमे को निरस्त करने मांग के अलावा पत्नी रेखा आर्या पर मंत्री बनने के बाद 210 करोड़ रुपए की अवैध सम्पति अर्जित करने का आरोप लगाया है, जिसकी उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
साथ ही गिरधारी लाल साहू ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ यह मुकदमा नहीं बनता है। उनकी शादी को हुए 22 साल हो गए हैं। आज तक उनके बीच कोई मन मुटाव भी नहीं हुआ है। उनके खिलाफ गलत तथ्यों को जोड़कर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके विरुद्ध जाकर उनके खिलाफ यह झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। याचिका में उनके द्वारा कोर्ट से प्रार्थना की है कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाय और दर्ज मुक़दमे को निरस्त किया जाये।
हाल ही में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू का एक कथित ऑडियो जारी किया था। इस कथित ऑडियो में गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात कर रहे हैं। इस ऑडियो को जारी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपना भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था और अपने पति गिरधारी लाल साहू पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
इसके बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एक तहरीर भी दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गिरधारी लाल साहू पहले से शादीशुदा थे, लेकिन उन्होंने ये बात शादी के समय रेखा आर्या से छुपाई थी। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गिरधारी लाल साहू से अपनी और अपने बच्चे की जान की खतरा भी बताया था। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। इस घटना के बाद से ही गिरधारी लाल साहू फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें गिरधारी लाल साहू की तलाश में जुटी हुई है।
अपने ऊपर मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी किया था और अपना पक्ष रखा था। इस वीडियो ने गिरधारी लाल साहू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि मंत्री बनने के बाद रेखा आर्या ने करीब 210 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया है। गिरधारी लाल साहू का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी यानी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से भ्रष्टाचार नहीं करने की बात कही तो उन्होंने उल्टा उन पर मुकदम दर्ज करा दिया।
