दीक्षांत परेडः 133 अधिकारी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की मुख्यधारा में शामिल
मसूरी। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल अकादमी परेड ग्राउंड में भव्य दीक्षांत परेड, राष्ट्रीय व बल के ध्वज के समक्ष भारत के संविधान एवं बल के प्रति निष्ठा व समर्पण की शपथ ग्रहण के बाद 133 अधिकारी बल की मुख्यधारा हिमवीरों में शामिल हो गये। इस मौके पर मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने भव्य व आकर्षक परेड का निरीक्षण करने के बाद सलामी ली। इस मौके पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सहायक सेनानी पवन कुमार मीणा को होम मिनिस्टर ऑफ ऑनर फॉर बेस्ट ऑल राउंड टेªनी स्वोर्ड ऑफ ऑनर की ट्राफी दी गयी।
आईटीबीपी के परेड मैदान में आयोजित 133वें नव दीक्षित 133 अधिकारियों ने भव्य परेड व मार्च पास्ट के साथ बल की मुख्यधारा में शामिल हो गये। बल के बैडं की आकर्षक धुनों के बीच नव अधिकारियों ने परेड की जिसकी मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने सलामी ली। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने मुख्य अतिथि सहित अतिथियों का स्वागत किया व बताया कि 18 से 50 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण को सफलता पूर्वक पूर्ण करने के बाद 132 सहायक सेनानियों एवं एक महिला उप सेनानी विशेषज्ञ चिकित्सक बल की मुख्य धारा हिमवीरों में शामिल हो गये। इन नव अधिकारियों को युद्ध कौशल, शस्त्र संचालन, शारीरिक प्रशिक्षण, आसूचना, मानचित्र अध्ययन, सैन्य प्रशासन, न्याय व मानवाधिकार सहित सैन्य व पुलिस संबंधी विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस दीक्षांत समारोह में देश के लगभग सभी राज्यों के नव अधिकारी शामिल हैं। दीक्षांत समारोह मे ंमुख्य अतिथि मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने अपने संबोधन में बल की मुख्यधरा में शामिल होने वाले अधिकारियों को बघाई देते उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल एक विशिष्ट बल है जो 19 हजार फीट की उंचाई पर स्थित अग्रिम चैकियों पर माइनस 45 डिग्री तापमान के बीच कार्य कर सेवा देता है व सीमाओं की सुरक्षा करता है।वहीं बल सीमाओं की सुरक्षा के साथ ही आंतरिक सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, प्रतिष्ठित संस्थानों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा समय समय पर केंद्रीय सरकार द्वारा सौपें गये दायित्वों का निर्वहन करते हुए,अग्रणी बल रहा है। उन्होंने युवा अधिकारियों का आहवान किया कि बल के गौरवशाली इतिहास को आगे ले जाने का दायित्व अबउनके कंघों पर है, इस दायित्व का निर्वहन उनके द्वारा ग्रहण आधार प्रशिक्षण की कसौटी पर परखा जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवा अधिकारी हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम हो गये है। उन्हों आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ये युवा अधिकारी बल की पुरानी परंपराओं के निर्वहन के साथ ही बल में नये विचारों का भी समावेश करेंगे ताकि इस बदलते परिवेश में बल का परचम और उंचा लहरा सकें। उन्होंने भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल अकादमी को उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थाना बताते हुए कहा कि यहं संस्थान केवल भारत तिब्ब्त सीमा पुलिस बल का ही नहीं अपितु समस्त केंद्रीय सशस्त्र बलों में से सर्वश्रेष्ठ केंद्र है। दीक्षांत समारोंह मे प्रशिक्षण के दौरा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव अधिकारियों को ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। जिसमें 30वें सहायक सेनानी जीडी आधार कोर्स के पवन कुमार मीणा को बेस्ट फॉर आल रांउड होम मिनिस्टर स्वोर्ड ऑफ ऑनर, सचिन को डायरेक्टर जनरल कप बैस्ट आउटडोर प्रशिक्षु, कोन्तेय मिश्रा को इंसपेटर जनरल कप बैस्ट इनडोर प्रशिक्षु, अभियोक मौर्य को डायरेक्टर अकादमी कप बैस्ट स्पोटर्स पर्सन प्रशिक्षु, नारकर अभिषेक को कमांडेंट कंबैट विंग कप बेस्ट मार्क्स मैन प्रशिक्षु, अमन सिंह कोर्स डायरेक्टर कप बेस्ट एन्उुरेंस प्रशिक्षु, निशांत डिप्टी कमाडेंट कप बेस्ट कंडक्ट प्रशिक्षु, कंबैट13वें सहायक सेनानी में राहुल कुमार ऑल राउंड बेस्ट प्रशिक्षु, सैमस्टन यांगजोर बेस्ट आउटडोर प्रशिक्षु, प्रभात बहुगुणा बेस्ट इनडोर प्रशिक्षु, 56 वें जीओज कंबेटाईजेशन कोर्स के स्वासथ्य अधिकारी डा. धु्रव राज सिंह ऑल राउंड बेस्ट प्रशिक्षु, डा. पारस सिंह शाही बेस्ट आउटडोर प्रशिक्षु, डा. विष्णु प्रिया इनडोर प्रशिक्षु का पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथ्ज्ञि ने अकादमी की ई अमोघ पत्रिका का लोकार्पण भी किया, इस पुस्तक में चारों कोर्सो के आरंभ व अंत तक के सफर की झलकियां संग्रहित की गयी थी। अंत में निदेशक अकादमी आईजी जीसी उपाध्याय ने सभी का धन्यवाद किया वहीं प्रशिक्षुओं के प्रयासों की सराहना की कि उन्होंने प्रशिक्षण मानकों में उत्कृष्टता बनाये रखी व अकादमी की प्रतिबद्धता को दोहराया। पासिंग आउट परेड के बाद मुख्य अतिथि सहित बल के अधिकारियों व नव अधिकारियों के परिजनों ने उनके कंधों पर सितारे सजाए व शुभकामना दी। इस मौके पर बल के ब्रास बैंड व पाइप बैड ने मनमोहक प्रदर्शन किया वहीं बल के कराते व पीटी खिलाडियों ने दांतो तले उंगली दबाने वाले प्रदर्शन किए। इस मौके पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवारी, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवारी, न्यायमूर्ति रवीद्र मैठाणी, मंत्री उत्तराखंड सरकार गणेश जोशी, सिविल जज मनोज राणा, एसडीएम राहुल आनंद, पूर्व आई जी मनोरंजन त्रिपाठी, पूर्व डीआईजी एसपी चमोली सहित बड़ी संख्या में बल के अधिकारी व नव अधिकारियों के परिजन मौजूद रहे।
नव अधिकारी आशुतोष शर्मा ने कहा कि यह मेरे लिए चेलेंजिग था, लेकिन परिवार व प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों के सहयोग से यह संभव हुआ वह अपने परिवार के पहले सैन्य अधिकारी है, सहायक सेनानी विष्णु प्रिया ने कहा कि छह माह के प्रशिक्षण के बाद अधिकारी बने कठिन था लेकिन सभी के सहयोग से हो पाया, अच्छा लग रहा है कि सिविल मंे आये थे व वर्दी में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पति भी सीआरपीएफ में अधिकारी है, अधिकारी सुशील मान ने कहा कि वह सिपाही के पुत्र है, यह मेरा सपना था कि वर्दी पहनु जो सपना साकार हो गया है। रजत नेगी ने कहा कि वह बतौर चिकित्सक चुने गये है, प्रशिक्षण के बाद आज बड़ी खुशी का दिन है, व इस प्रामिस के साथ जाउंगा जो सिखाया गया उसे धरातल पर उतारू, यहां का रहन सहन सिविल से हट कर है, शिवांकुर खंतवाल ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सभी ने सहयोग किया।
