बारिश से तबाह हुई फसलें, किसानों को मुआवजा दे प्रशासनः इरशाद अली
हरिद्वार। बारिश और ओलावृष्टि के चलते तबाह हुई फसलों से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। जिसको देखते हुए भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन ने सरकार और प्रशासन से किसानों को फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। चेतावनी दी कि अगर जल्द किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रेस को जारी बयान में
भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव इरशाद अली ने कहां कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा के कारण किसानों के खेत में तैयार खड़ी गेहूं, सरसों आदि की फसल जमीन पर गिरने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे किसान बेहद परेशान हैं। ऐसे में अब और दिक्कतें किसानों के सामने खड़ी हो गई है। इरशाद अली ने फसलों का मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि पहले ही आर्थिक तंगी में चल रहे किसानों को राहत देने के लिए खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए। नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने कहा कि पिछले दो तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। तेज बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है।अधिकतर खेतों में गेहूं की फसलें खड़ी हुई हैं। बारिश होने से गेहूं का दाना पतला पड़ गया है। फैसले बिछ गई हैं। लेकिन अभी तक भी किसानों की फसलों को लेकर प्रशासन ने कोई मुआवजा की घोषणा की है। राज्य सरकार किसानों की समस्या का संज्ञान लें और जिलाधिकारियों को निर्देशित करें कि किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को जल्द से जल्द फलसों के नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान मजदूर यूनियन आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी। जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। किसानों को मुआवजे की मांग करने वालों में उत्तराखंड सह प्रभारी राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप, अक्षय चैधरी, डॉ विजेंद्र चैहान, यशपाल चैधरी, अग्रज मिश्रा, शाहनवाज सहित किसानों ने मांग की।
