राज्यपाल ने बाबा केदार के दर्शन कर पुनर्निर्माण कार्यों एवं यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
देहरादून/रूद्रप्रयाग। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) शनिवार को श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा केदार के दिव्य दर्शन कर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया एवं विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि तथा उत्तराखण्ड के सतत विकास की कामना की। राज्यपाल ने अत्यंत अल्प समय में ही बाबा के दर्शन किए, जिससे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। उनके आगमन के दौरान एक पल के लिए भी श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु नहीं रोका गया तथा पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। राज्यपाल ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की सराहना की।
अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने मुख्य रूप से श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक एवं सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनके यात्रा अनुभव जाने तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं दर्शन व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।
राज्यपाल ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य एवं आध्यात्मिक अनुभूति का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उनके सुझावों एवं समस्याओं को सुनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुचारू, सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाने हेतु पूरे वर्षभर सभी विभाग, स्थानीय लोग, प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं सेवा से जुड़े लोग निरंतर मेहनत करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक उत्तराखंडी एवं यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति का इस यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान है। यह केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि सेवा, समर्पण एवं आस्था का अभियान है। उन्होंने कहा कि “यह चरण सेवा और समर्पण का है तथा हम सभी का दायित्व है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज एवं आध्यात्मिक यात्रा अनुभव प्राप्त हो।”
राज्यपाल ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम सहित समस्त चारधाम क्षेत्र की प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बनाए रखने हेतु स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधना एवं स्वच्छता दोनों के लिए धैर्य, अनुशासन एवं संवेदनशीलता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “बाबा केदार की यह पावन भूमि स्वच्छता, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि इस धाम को स्वच्छ, सुंदर एवं पवित्र बनाए रखें।”
राज्यपाल ने श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु किए जा रहे विकास कार्यों एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं का एक ही उद्देश्य है कि यात्रा शुभ, सुव्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि आज बाबा केदार से संपूर्ण मानवता, सनातन संस्कृति, प्रत्येक भारतीय एवं प्रत्येक उत्तराखंडी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौहार्द एवं सफलता की प्रार्थना की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं को अवश्य खरीदें, जिससे स्थानीय लोगों एवं छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि संपूर्ण उत्तराखंड वर्षभर चारधाम यात्रा की प्रतीक्षा करता है और यह यात्रा यहां की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी हुई है।
राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से श्री केदारनाथ धाम एवं चारधाम यात्रा में आकर यहां की दिव्यता, भव्यता एवं अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “यहां की आध्यात्मिक अनुभूति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव केवल देवभूमि उत्तराखंड में ही संभव है।” राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से केदारनाथ धाम एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित धाम न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखता है।”
इस दौरान राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने राज्यपाल को धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों तथा श्रद्धालुओं हेतु की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धाम में सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी विभाग निरंतर समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्यपाल ने मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित समाज से भी भेंट की, जहां पारंपरिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय है। यहां पहुंचते ही मन आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और भगवान शिव की दिव्यता का अनुभव होता है।”
उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समिति, पुलिस विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य सहयोगी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सेवा दलों से “अतिथि देवो भव” की भावना के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं यात्रा को निरंतर सुचारू बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर केदार सभा के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद तिवारी, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चन्द्र पोस्ती, विनीत पोस्ती, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप जिलाधिकारी यात्रा मजिस्ट्रेट कृष्णा त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
