भगवान श्री परशुराम के प्रकटोत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान व विचार गोष्ठी आयोजित
देहरादून। उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ द्वारा भगवान श्री परशुराम जी के प्रकटोत्सव पर स्थानीय श्री काली मंदिर, लाडपुर में धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ कर विश्व शांति की कामना की गई। अक्षया तृतीया पर आयोजित इस कार्यक्रम में सर्व प्रथम उपस्थित विद्वान ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन के उपरांत विधिविधान से धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ का आयोजन किया गया। तत्पश्चात महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि अजर अमर चिरंजीवी अवतार भगवान श्री परशुराम जी का जीवन अत्याचार व आतताइयो के खिलाफ रहा।
उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व अध्यक्ष पंडित विजेंद्र प्रसाद मंमगाई जी ने कहा कि श्री हरि विष्णु के छठे अंशावतार भगवान श्री परशुराम जी अन्याय के विरुद्ध कुठार उठाया। वे किसी जाति विशेष के विरोधी नहीं थे, बल्कि अत्याचार करने वाले राजाओं व उनका समर्थन करने वालों का पृथ्वी से समूल नाश किया। उन्होंने आदिवासियों व वनवासियों को ब्राह्मणत्व की दीक्षा देकर उन्हें ब्राह्मण बनाया। इस अवसर पर युवक प्रभात पाराशर द्वारा श्री परशुराम जी के जीवन वृत्त पर विस्तृत प्रकाश डाला।
अंत में महाआरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन महासंघ के महासचिव डॉ.वी.डी.शर्मा ने किया। इस अवसर पर पंडित सिद्ध नाथ उपाध्याय, पंडित थानेश्वर उपाध्याय, पंडित रामप्रसाद उपाध्याय, अरुण कुमार शर्मा, पंडित शशि कुमार शर्मा, सूर्य प्रकाश भट्ट, अवनीश कांत शर्मा, राकेश पंडित, पार्षद, वीरेंद्र देव गौड़, राजकुमार छाबड़ा, पत्रकार पैन्यूली जी, पंडित विजेंद्र ममगई आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे।
