चीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
देहरादून। लगातार बढ़ रही चीनी की कीमतों और इथेनॉल पेट्रोल को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देहरादून की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। चीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ईस्ट कैनाल रोड स्थित पेट्रोल पंप पर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है और अब लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीनी की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि, करीब एक महीने पहले 44 से 45 रुपए प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब 65 से 66 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।
धस्माना ने आरोप लगाया कि, इथेनॉल मिश्रण की नीति के कारण गन्ने की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका असर चीनी मिलों और चीनी के उत्पादन पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने ई-20 पेट्रोल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का आरोप है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से देशभर में वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई वाहनों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शन के लिए पेट्रोल पंप का स्थान चुनते हुए कांग्रेस ने कहा कि, ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को सीधे जनता के बीच उठाना जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमतों और उपभोक्ताओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम नहीं किया गया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर जनता की मेहनत की कमाई पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने ऐलान किया कि यह प्रदर्शन केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी की ओर से चीनी की बढ़ती कीमतों और ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर पूरे उत्तराखंड में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग शहरों, जिलों और कस्बों में प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि, देहरादून में किया गया प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
