प्रशासन अलर्ट, जनपदों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट एवं रविवार को राज्य के विभिन्न जनपदों में आए आंधी-तूफान और बारिश के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों के साथ बैठक कर स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में जनपदों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा सोमवार एवं मंगलवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसके मद्देनजर सभी जनपदों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि मौसम से संबंधित सभी अलर्ट एवं सूचनाएं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से तत्काल आमजन तक पहुंचाई जाएं, ताकि समय रहते लोग सतर्क हो सकें।
उन्होंने बताया कि मौसम विभाग द्वारा दिनांक 04 मई, 2026 को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर एवं चम्पावत जनपदों के लिए तथा दिनांक 05 मई, 2026 को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस अवधि के दौरान आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, तेज वर्षा तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाधित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि कुछ जनपदों में सड़कों के बाधित होने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिन्हें अधिकांशतः खोल दिया गया है तथा शेष मार्गों को भी जल्द से जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विशेष निर्देश दिए कि हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन पूरी तरह मौसम की स्थिति के अनुरूप ही किया जाए। प्रतिकूल मौसम की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लेते हुए उड़ानों का संचालन स्थगित रखा जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी जनपदों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, जिससे किसी भी संभावित आपदा के प्रभाव को कम किया जा सके।
