साइबर अपराधियों की इंटरनेट कॉल बदलने वाला नेटवर्क पकड़ा

रुद्रपुर। साइबर अपराधियों की इंटरनेट कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर से सामान्य कॉल में बदलकर उनकी पहचान छिपाने वाले नेटवर्क का साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र ने पर्दाफाश किया है। सोमवार देर रात साइबर थाना पुलिस ने बाजपुर में किराए के कमरे से मुरादाबाद निवासी कादिर अली को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से दो सिम बॉक्स, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम, इंटरनेट राउटर सहित अन्य उपकरण बरामद हुए हैं।
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित का बांग्लादेशी नागरिक से कनेक्शन है, जो हर माह इसके लिए आरोपित को 50 हजार रुपये देता था। संचार मंत्रालय की ओर से मिले गोपनीय पत्र के आधार पर साइबर थाना पुलिस रुद्रपुर 72 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच कर रही थी। इनकी गतिविधियां बाजपुर के चकरपुर स्थित एक सेल साइट से जुड़ी मिली थी। जांच के दौरान पुलिस और एसटीएफ कुमाऊं की टीम ने साइबर थाना प्रभारी अरूण कुमार की अगुवाई में बाजपुर क्षेत्र के एक सिम विक्रेता से पूछताछ की।सिम विक्रेता ने बताया कि वह अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान पर लिए गए एयरटेल सिम मूलरूप से मिलक जुम्मा वाली, ग्राम बेरखेड़ा चेक, थाना भगतपुर मुरादाबाद यूपी निवासी कादिर को उपलब्ध कराता था। इस पर टीम ने कादिर की तलाश शुरू की तो वह घर पर नहीं मिला।इसी बीच सूचना मिली कि वह बाजपुर में ईदगाह के सामने एक इमारत की दूसरी मंजिल पर किराये के कमरे में रह रहा है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात उसके किराए के कमरे में दबिश दी। बिजली न होने के कारण मोबाइल और इमरजेंसी लाइट की रोशनी में टीम अंदर पहुंची, जहां कादिर मौजूद मिला। कादिर के कमरे से एक 32-स्लॉट सिम बॉक्स मिला। इसके अलावा 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम, इंटरनेट राउटर, नेटवर्क केबल, एडॉप्टर, मीडिया कन्वर्टर और अन्य उपकरण बरामद हुए। उसकी तलाशी में सैमसंग मोबाइल भी मिला।
पूछताछ में कादिर ने बताया कि वह इंटरनेट के माध्यम से विदेश से आने वाली साइबर अपराधियों की कॉल को सिम बॉक्स में लगे भारतीय सिम के जरिए सामान्य मोबाइल कॉल में बदलता था। इससे कॉल करने वाले का वास्तविक मोबाइल नंबर और पहचान छिप जाती थी।बांग्लादेश निवासी शाहिद से वाट्सएप पर संपर्क होने की बात बताई। शाहिद ने उसे सिम बॉक्स उपलब्ध कराए और इनके संचालन के बदले हर माह 50 हजार रुपये भेजता था। कादिर ने यह भी बताया कि उसने सिम बॉक्स लगाने के लिए बाजपुर में कमरा पांच हजार रुपये मासिक किराये पर लिया था।कादिर ने सिम विक्रेता से अलग-अलग लोगों की पहचान पर एयरटेल सिम लिए थे। इसके बदले उसे 13 हजार रुपये देने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब बरामद सिम और उपकरणों से संचालित कॉल का ब्योरा जुटाकर यह पता लगा रही है कि इनका इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में हुआ।

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