हल्द्वानी में बनेगा  उत्तराखण्ड हाईकोर्ट, सरकार गोलापार में देगी 30 हेक्टेयर जमीन

देहरादून। उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक संपन्न हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। खास बात यह है कि प्रदेश में संचालित गौ पालन योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी मिल सकेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्रों में पैदा होने वाली जड़ी बूटियों को देखते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन कर सकते हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण होगा। हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान देना होगा। पुरुष और महिला श्रमिकों के लिए समान कार्य की समान मजदूरी होगी।
गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग को भी- धामी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया कि अब गौ पालन योजना के तहत सामान्य वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। गौ पालन योजना में 75 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी। इस योजना के तहत अधिकतम दो पशु तक ले सकते हैं। उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी मिली है। इसका उद्देश्य आर्थिक सामाजिक हितों की रक्षा करना है। मजदूरी भुगतान डिजिटल माध्यम से होगा। एंपलॉयर को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान करना होगा। पुरुष और महिला दोनों श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का भुगतान करना होगा। उत्तराखंड राज्य में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित सभी छात्रावास के लिए नियमावली बनाई गई। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के छात्रावासों हेतु संचालन नियमावली, 2026 को मंजूरी मिली है।  30 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट के विस्तार के लिए देने को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। उत्तराखंड का नया हाईकोर्ट परिसर हल्द्वानी (गौलापार) में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसमें मुख्य न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ता चैंबर, पार्किंग और प्रशासनिक कार्यालय बनाए जाने हैं। उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय गौलापार, हल्द्वानी के संचालन के लिए 122 पदों के सृजन को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली। ये क्रीड़ा विश्वविद्यालय (स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी) उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय है। इसे लगभग 90 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मिशन ओलंपिक 2036 के अनुरूप विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करना और प्रदेश को खेल का प्रमुख केंद्र बनाना है। उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 को मंजूरी मिली है। उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) नियमावली विशिष्ट रूप से उत्तराखंड वन विकास निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा शर्तों, योग्यताओं, भर्ती प्रक्रियाओं और प्रशासनिक ढांचे में सुधार या बदलाव करने के लिए बनाई गई नियमावली है। यह निगम वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, लकड़ी और वनोपज के निष्पादन तथा इससे जुड़े कार्यों को संचालित करता है।
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को प्रख्यापित करने की मंजूरी मिली। उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश केंद्र सरकार के जीएसटी अधिनियम में हुए बदलावों के अनुरूप उत्तराखंड राज्य में इसके अनुपालन को आसान बनाने और राजस्व सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य कैबिनेट ने लाया गया एक विधायी संशोधन है। उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली की ओर से पारित आदेशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली, 2004 के नियम 473 के उपनियम- (1) के खण्ड (ग) में लैप्रोसी (कुष्ठ रोग) से सम्बन्धित प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी मिली है।
जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग एवं ग्राम पंचायतों व ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तान्तरण करने के लिए प्रोटोकाल को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट से उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 को मंजूरी मिली है। इसमें केंद्र के औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 99 के तहत राज्य में श्रम और उद्योग के नियमों को आधुनिक बनाने का एक नया मसौदा है। इसका उद्देश्य पुराने श्रम कानूनों को बदलकर विवाद समाधान और कामगारों के अधिकारों को सरल बनाना है।

गंगा एक्सप्रेस वे का हरिद्वार तक विस्तारीकरण
उत्तर प्रदेश सरकार एवं उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेस वे का हरिद्वार तक विस्तारीकरण परियोजना को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन गठित करने को मंजूरी मिली है। गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार से उत्तराखंड को धार्मिक पर्यटन, तेज आवागमन और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा लाभ मिलेगा। इससे हरिद्वार सीधे प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ जाएगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा और यातायात की भीड़ घटेगी।

उत्तराखंड में ईको टूरिज्म को बढ़ावा
उत्तराखंड में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिये जाने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। उत्तराखंड में वन विभाग के अंतर्गत ईको टूरिज्म गतिविधियों को गति देने के लिए मुख्य सचिव (आनंद बर्द्धन) की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का पुनर्गठन व संचालन किया गया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य जबरखेत मॉडल की तर्ज पर नए ईको टूरिज्म हब विकसित करना और एकीकृत ट्रेकिंग व पर्वतारोहण नीति तैयार करना है।

बंगाली मूल के अनुसूचित जातियों के लिए सहायता कोष नियमावली
बंगाली मूल के अनुसूचित जातियों के लिए सहायता कोष नियमावली, 2006श् का गठन किया गया है। इस सहायता कोष के संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य के पद पर बंगाली अनुसूचित जाति समुदाय से ही नामित किये जाने के लिए नियम-3 संचालन समिति में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

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