100 दिनों में 223 टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के निर्देशन में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन ने यात्रा मार्ग पर व्यापक स्तर पर स्वच्छता, शौचालय संचालन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित इन व्यवस्थाओं से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
यात्रा मार्ग पर संस्था द्वारा कुल 31 सुलभ शौचालय परिसरों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें महिलाओं के लिए 150 तथा पुरुषों के लिए 196 सीटों सहित कुल 346 शौचालय सीटों की व्यवस्था है। प्रत्येक शौचालय परिसर में दिव्यांगजनों के लिए भी एक सुलभ शौचालय उपलब्ध कराया गया है।
इसके अलावा यात्रा मार्ग के 71 स्थानों पर स्टील फ्रेम शौचालय स्थापित किए गए हैं। इनमें महिलाओं के लिए 132 तथा पुरुषों के लिए 162 सीटों सहित कुल 294 सीटों की सुविधा उपलब्ध है। इससे यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आसानी से स्वच्छ शौचालय उपलब्ध हो रहे हैं।
स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सीतापुर से श्री केदारनाथ धाम तक नियमित सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्य में 412 पर्यावरण मित्र एवं 30 सुपरवाइजर तैनात हैं, जो पूरे यात्रा मार्ग को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने में लगातार जुटे हुए हैं।
ठोस अपशिष्ट के समुचित संग्रहण के लिए यात्रा मार्ग पर 600 डस्टबिन लगाए गए हैं। इनमें 100 ट्रॉली डस्टबिन (150 लीटर क्षमता), 200 फ्लैप डस्टबिन (120 लीटर क्षमता) तथा 300 फ्लैप डस्टबिन (100 लीटर क्षमता) शामिल हैं।
कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक ढंग से संचालित करने के लिए सोनप्रयाग में कम्पेक्टर मशीन स्थापित की गई है। संस्था अब तक 5.5 टन कम्पैक्ट प्लास्टिक अपशिष्ट रीसाइक्लिंग के लिए भेज चुकी है। प्रतिदिन औसतन 3.05 टन ठोस अपशिष्ट का निस्तारण किया जा रहा है। यात्रा के पहले 100 दिनों में कुल 223 टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं गरिमापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ केदारनाथ यात्रा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
