भाजपा महानगर कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर पढ़ा माफीनामा

देहरादून। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मारपीट मामले में बड़ा खबर है। मामले में आज विधायक उमेश शर्मा काऊ ने सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांग ली है। अभी भी इस मामले में दोनों ओर से मुकदमें जारी हैं। बुधवार को देहरादून भाजपा महानगर कार्यालय में रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ ने महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल और अपने सैकड़ों समर्थकों की उपस्थिति में सार्वजनिक तौर पर 21 फरवरी को रायपुर शिक्षा निदेशालय में हुई इस घटना पर खेद प्रकट किया। उन्होंने एक पहले से लिखा हुआ एक माफ़ीनामा भाजपा महानगर कार्यालय में पढ़ा जिसमें उन्होनें पढ़ा कि मैं अपने क्षेत्र में एक विद्यालय के लिए 1.5 बीद्या जमीन दान करने वाले परिवार के साथ विद्यालय का नामकरण सम्बन्धी दानदाता स्व० पदम सिंह रावत के नाम पर करने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय गया था। इस दौरान मेरे साथ सम्बन्धित परिवार के लोग भी थे। यह प्रकरण काफी समय से लम्बित था। बातचीत के दौरान मौहाल तनावपूर्ण हो गया। मैंने जनप्रतिनिधि होने के नाते, विवाद शांत कराने का भरसक प्रयास किया, इस बीच जाने अनजाने में यह घटना हो गई जिस पर मैं खेद व्यक्त करता हूं।
“मेरे द्वारा जनहित के कार्यो में हमेशा अधिकारी, कर्मचारियों का सहयोग मिला है, मैंनें भी हमेशा अधिकारी कर्मचारियों को उचित सम्मान दिया है, इसलिए शनिवार को हुई इस घटना पर मुझें बेहद अफसोस है। जिसके लिए मैं सम्बन्धित पक्षों से माफी मांगता हूं।
“मैं एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार, अधिकारी-कर्मचारियों के हितों में कार्य कर रहे हैं। साथ ही सरकार कानून व्यवस्था को लेकर भी हमेशा गम्भीर रही है। इसलिए इस प्रकरण में मैं सभी पक्षों से संयम की अपील करता हूं।
नौडियाल मेरे छोटे भाई की तरह हैं। उनको जो चोट लगी है वो मुझे लगी है। मेरा मन बहुत दुखी है। कर्मचारी अधिकारी तो मेरा परिवार है। उनका अहित हो जाये, ऐसा काऊ कभी सोच भी नहीं सकता। कर्मचारी अधिकारी शिक्षक संघ मोर्चा का मैं आभारी हूं जिन्होने इस घटना का राजनीतिकरण नहीं होने दिया। शिक्षा निदेशालय में अजय नौडियाल साथ हुई मारपीट के मामले में एक पन्ने का माफ़ीनामा पढ़ने के बाद उमेश शर्मा काऊ से सवाल किए गये। क्या वह मुकदमा वापस लेने की मांग को भी स्वीकार कर रहे हैं ? इस पर उन्होंने कहा जो कानूनी प्रक्रिया है वह अपने तरीक़े से चलेगी। उन्होंने कहा मुक़दमा दोनों तरफ़ से हुआ है। वापसी की प्रक्रिया भी दोनों तरफ़ से होनी चाहिए।

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