उद्योग और शिक्षा जगत के अनुसंधान कार्यक्रमों को परस्पर जोड़ने का अभूतपूर्व प्रयास

देहरादून। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर ने 3 और 4 फरवरी 2023 को उद्योग दिवस 2023 का आयोजन किया। इसका उद्देश्य उद्योग और शिक्षा जगत तथा उनके अनुसंधान कार्यक्रमों को आपस में जोड़ना है। यह आयोजन दो दिनों का था जिसमें नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के जानकारों और उद्यमियों को सार्थक विमर्श करने का अवसर मिला और उन्होंने उद्योग एवं शिक्षा जगत के संबंध को मजबूत बनाने का मार्गदर्शन दिया। संस्थान ने प्रायोजित और औद्योगिक अनुसंधान के अवसर बढ़ाने में सक्षम इकोसिस्टम बनाया है। इसका लाभ केवल शिक्षकों को ही नहीं बल्कि छात्रों को भी होगा। वे उद्योग जगत की समस्याओं के समाधान में अपने बहु-विषयी प्रोजेक्ट तथा शोध एवं विकास का योगदान देंगे। इस आयोजन के मुख्य थीम थे मेडटेक एवं हेल्थकेयर, सस्टेनेबिलिटी की टेक्नोलाॅजी, सेंसर और आईओटी, रिसिलियंट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, डिपेंडेबल और रिस्पांसेबल एआई, रोबोटिक्स और मोबिलिटी, इंटेलिजेंट-और न्यूरो-मार्केटिंग, एआर-वीआर और मेटावर्स, हाइड्रोजन इकोनोमी और इंडस्ट्री 4.0 आदि।
आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. शांतनु चैधरी ने उद्योग एवं शिक्षा जगत के परस्पर सहयोग की महत्ता बताते हुए कहा, “कोविड के बाद हम फिजिकल मोड में पहली बार उद्योग दिवस मना रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उद्योग जगत से जुड़ना है। देश का इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने में उद्योग और शैक्षणिक संस्थान मिल कर काम करते ह,ैं यह जरूरी है क्योंकि शिक्षा जगत इस जुड़ाव के बिना विकास नहीं कर सकता हैै। आईआईटी जोधपुर वर्तमान में 100 करोड़ रुपयों से अधिक के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जो उद्योगों सहित विभिन्न संगठनों के हैं। आइहब दृष्टि और जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन (जेसीकेआईएफ) जैसी सेक्शन 8 कंपनियां हमारे साथ मिल कर इनोवेटरों और उद्योग जगत के लोगों के लिए काम कर रही हैं।’’उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमारे संस्थान में स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंसेज, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड आंतरप्रेन्यरशिप और परस्पर जुड़े विषयों के प्लेटफॉर्म हैं जो उद्योग के मद्देनजर पीएचडी, एमएससी और एमटेक प्रोग्रामों को संचालन करते हैं। आईआईटी जोधपुर का शिक्षा दर्शन प्रौद्योगिकी और समाज में हो रहे बड़े बदलावों के अनुरूप है। इसलिए हमारा मुख्य उद्देश्य नियमित करिकुलम में उद्यमिता को शामिल करना है।”

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