अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष ने लिया मदमहेश्वर घाटी के आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा

रुद्रप्रयाग। सीमांत अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट ने मदमहेश्वर घाटी के अकतोली से छः किमी की पैदल दूरी तय कर द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार-बणतोली के मध्य आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग का जायजा लिया और जन समस्याएं सुनी। उनके मदमहेश्वर घाटी आगमन पर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियां ने उनसे शिष्टाचार भेंट की तथा दर्जाधारी ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियां को बधाई देते हुए सभी से क्षेत्र के विकास के लिए एक मंच पर आने का आहवान किया।
क्षेत्रीय जनता ने उन्हें क्षेत्र मे फैली अनेक समस्याओं से रूबरू करवाकर निराकरण की मांग की, जिस पर उन्होंने मदमहेश्वर घाटी के जनमानस व नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आश्वासन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रां के चहुंमुखी विकास के लिए दर्जनों जन-कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार सीमान्त क्षेत्र के हर व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश देते हुए कहा कि द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार-बणतोली के मध्य सेडूग के निकट आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की जगह वैकल्पिक मार्ग शीघ्र बनाया जाए, जिससे मदमहेश्वर धाम की यात्रा समय पर सुचारू हो सके। प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि मूसलाधार बारिश होने से गौण्डार-बणतोली के मध्य सेडूग नाम स्थान पर पचास मीटर पैदल मार्ग भूस्खलन की भेंट चढ़ने से आवाजाही बाधित हो गयी थी तथा प्रशासन व ग्रामीणां के सहयोग से 161 तीर्थ यात्रियां का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए आठ मजदूरों को लगाया गया है, मगर क्षेत्र में लगातार बारिश होने तथा आपदा प्रभावित क्षेत्र में बार-बार भूस्खलन होने से वैकल्पिक मार्ग बनाने में बाधा पहुंच रही हैं तथा मदमहेश्वर धाम की यात्रा बन्द होने से घाटी का तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हो गया है। बताया कि 14 अगस्त 2023 में मोरखंडा नदी पर बना लोहे का गार्डर पुल नदी की तेज धाराओं में समा गया था तथा वर्तमान समय में तीर्थ यात्री व ग्रामीण जान हथेली पर रखकर ट्राली के सहारे आवाजाही करने के लिए विवश बने हुए हैं। वन पंचायत सरपंच फते सिंह पंवार ने बताया कि गौंडार गांव व बणतोली के निचले हिस्से में नदी के कटाव से खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते दोनों स्थानों के निचले हिस्सों में सुरक्षा दीवालों का निर्माण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। इम मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख राकेश नेगी, प्रधान बुरूवा मदन भट्ट, उनियाणा विशाम्बरी देवी, कुंवर सिंह नेगी, शिव सिंह नेगी, धर्म सिंह पंवार, मनजीत सिंह पंवार सहित लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी, विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।