सफाई कर्मचारियों के हितों के लिए सरकार प्रतिबद्धः भगवत

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने जनपद रुद्रप्रयाग के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान जिला कार्यालय सभागार में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों को कार्यस्थल पर आने वाली समस्याओं, स्वास्थ्य सुरक्षा, आवास सुविधा, कौशल विकास, स्थायी नियुक्ति सहित कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उपाध्यक्ष मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं और उनके कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की गई है। इसके साथ ही आवास भत्ता और झाड़ू भत्ते में बढ़ोतरी तथा बीमा राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा मैनुअल स्कैवेंजरों के पुनर्वास हेतु भी प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
मकवाना ने अधिकारियों से ईपीएफ, ईएसआई, नमस्ते योजना, रिक्त पदों पर नियुक्ति और निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को बहुउद्देशीय शिविर आयोजित कर सफाई कर्मचारियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कर्मचारियों को समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
उपाध्यक्ष ने कहा कि मृतक आश्रितों को समय पर नौकरी प्रदान की जाए, कर्मचारियों के अवकाश एवं वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा वेतन का भुगतान समय से किया जाए। उन्होंने नियमित कर्मचारियों के लिए गोल्डन कार्ड बनाने हेतु शिविर आयोजित करने और नमस्ते योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।
बैठक में मैनुअल स्कैवेंजर एक्ट 2013 के तहत गठित समिति की शीघ्र बैठक आयोजित करने, सभी सफाई कर्मियों को ईपीएफ व ईएसआई का लाभ देने, केंद्रीय न्यूनतम वेतन के अनुसार मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने तथा आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों को बोनस देने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पर्वों पर कार्य लेने पर डबल मानदेय देने, कर्मचारियों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने तथा प्रत्येक तीन माह में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रम नेता जयपाल टॉक, विशाल बिरला, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संजय कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, एसीएमओ डॉ. सीमा टेकचंदानी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत, एआरटीओ कुलवंत चौहान सहित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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