राज्य कर्मचारी का दर्जा देने को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों का रुद्रपुर कलेक्ट्रेट घेराव

रुद्रपुर। आंगनबाड़ी वर्करों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को रुद्रपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने पहले ही गेट बंद कर दिया। ऐसे में गेट बंद किए जाने से नाराज वर्करों ने गेट पर ही धरना शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने एक सुर में कहा कि उनकी मांगों पर अमल किया जाए।
दरअसल, उधम सिंह नगर जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आंगनबाड़ी वर्करों का उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। उधम सिंह नगर जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने आंगनबाड़ी वर्करों को परिसर के अंदर जाने से रोकते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई।
गेट बंद किए जाने से आक्रोशित वर्करों ने वहीं गेट के सामने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाडी वर्करों ने कहा कि हम लोग सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण कार्यक्रम, सर्वेक्षण, जनगणना और अन्य कई सरकारी कार्यों में हमारी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद हमें मानदेय के रूप में बहुत कम राशि मिलती है, जो वर्तमान
आंगनबाड़ी वर्करों ने ये भी आरोप लगाया कि उनके कार्य का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सुविधाएं और वेतन उसी अनुपात में नहीं बढ़ाए जा रहे। कई बार उन्हें निर्धारित समय से ज्यादा काम करना पड़ता है। यहां तक कि छुट्टियों में भी ड्यूटी करनी पड़ती है, जिसका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। ताकि, स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। बाद में आंगनबाड़ी वर्करों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार की प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
मामले में उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट ने कहा कि ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, आंगनबाड़ी वर्करों ने स्पष्ट कहा है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और लिखित निर्णय चाहिए। यदि जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई है।

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