उत्तराखंड में दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता आयोजित

देहरादून। उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एस.सी.ई.आर.टी.), ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड मानक राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ. आशीष रतूड़ी, असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ने बाल वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि करियर का चयन करते समय लक्ष्य प्राप्ति हेतु बुनियादी विज्ञान की समझ को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सौरभ शुक्ला का उदाहरण देते हुए खगोल विज्ञान एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अध्ययन की सलाह दी।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित एवं एस.सी.ई.आर.टी. के प्रवक्ता आर.पी. बडोनी ने हैकाथान 2.0 के संबंध में छात्रों एवं शिक्षकों के लिए ’इन्नोवेट उत्तराखंड पोर्टल’ पर एक अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के प्रथम चरण में 2500 छात्रों एवं शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें से 10 छात्र एवं 2 शिक्षक अपने प्रोटोटाइप हेतु चयनित हुए थे। यह प्रतियोगिता अगस्त माह के अंत में पुनः प्रारंभ की जाएगी।
वर्ष 2018-19 में जापान सरकार एवं भारत सरकार के संयुक्त ’सकुरा कार्यक्रम’ के अंतर्गत जापान यात्रा कर चुके उत्तराखंड के बाल वैज्ञानिक जतिन चौहान ने अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए।
निर्णायक मंडल में शामिल डॉ. राकेश जुगराण (पूर्व प्राचार्य, डाइट) ने विज्ञान आधारित कविता के माध्यम से छात्रों को प्रेरित किया कि वे दैनिक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजें, जो समाज के लिए उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि विज्ञान तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। भारत सरकार की स्वायत्त संस्था नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन से डॉ. पारस ने प्रस्तुत प्रोटोटाइप की मौलिकता, नवीनता एवं सामाजिक उपयोगिता पर विचार रखते हुए इंस्पायर अवार्ड की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इंस्पायर अवार्ड राज्य समन्वयक डॉ. अवनीश उनियाल ने कहा कि समाज में फैली अंधविश्वास रूपी कुरीतियों को केवल विज्ञान एवं तार्किक सोच के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के समापन पर एस.सी.ई.आर.टी. के अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं, मार्गदर्शक शिक्षकों, जिला समन्वयकों, निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति को कार्यक्रम को सफल बनाने में दिए गए सहयोग हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहना ही सफलता की कुंजी है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता हेतु चयनित 15 प्रतिभागियों की घोषणा भी की गई, जिन्हें प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों में अल्मोड़ा से खुशी जोशी, बबली भंडारी, चमोली से गीतांजलि, देहरादून से आदर्श भट्ट, सात्विक रावत
हरिद्वार से हिमांशु शुक्ला, नैनीताल में आदर्श नियोलिया, दक्ष तिवारी, पौड़ी गढ़वाल में प्रतीक, टिहरी गढ़वाल में सुमित सिंह, नीति, उधमसिंहनगर में लोकेश मठपाल, नीलम, आशिक अली, उत्तरकाशी में देवांश सेमवाल शामिल हैं। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार सहगल, संजय मौर्य, पवन शर्मा, सुधीर कांति (जिला समन्वयक), सरदार दलजीत सिंह, पल्लवी नैन (उपनिदेशक), अजीत सिंह भंडारी (उपनिदेशक), आरती ममगाईं, भावना नैथानी सहित राज्य के सभी जिलों के जिला समन्वयकगण उपस्थित रहे।