मर्यादा दिवस के रूप में मनाई राजयोगिनी प्रेमलता बहन की छठी पुण्यतिथि

देहरादून। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के देहरादून सेवाकेंद्र पर ब्रह्माकुमारीज धार्मिक प्रभाग की प्रमुख एवं देहरादून सबजोन इंचार्ज रही राजयोगिनी बीके प्रेम लता बहन की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें मर्यादा दिवस के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।राजयोगी ब्रह्माकुमार सुशील भाई के संचालन में संस्था की हरिद्वार केंद्र इंचार्ज बीके मीना दीदी ने प्रेमलता बहन के साथ बिताए 40 वर्षो को याद करते हुए उन्हें मर्यादा व आदर्श की मिसाल बताया। समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय जौलीग्रांट के कुलाधिपति डॉ.विजय धस्माना ने आत्मा व परमात्मा को रेखांकित करते हुए राजयोगिनी प्रेमलता बहन के मर्यादित जीवन से प्रेरणा लेने का आव्हान किया। डॉ. धस्माना ने ब्रह्माकुमारीज संस्था से विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर युवा पीढ़ी को नैतिकता का पाठ पढ़ाने व उन्हें मर्यादित जीवन के लिए तैयार करने की अपील की।
हरिद्वार के संत स्वामी सूरजदास ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था स्वयं में मर्यादित संस्था है,दुनिया के लोगो को मर्यादा में रहकर कैसे जीवन जी सकते है,यह ब्रह्माकुमारीज से सीखना चाहिए।भगवान राम ने भी मनुष्य जीवन मे मर्यादा का अनुसरण किया। तभी उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया।देहरादून सेवा केंद्र प्रभारी बीके मंजू ने राजयोगिनी प्रेमलता बहन को भावुक मन से याद करते हुए उनके सद्गुणों पर लाजवाब कविता सुनाई।उन्होंने उन्हें एक मां,एक शिक्षक ,एक गुरु के रूप में याद किया व श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इसी दौरान प्रेम बहन की आवाज का ऑडियो भी सुनाया गया। गरीबदास आश्रम हरिद्वार के संत रविदेव शास्त्री ने प्रेमलता बहन को संतो की आदर्श बताया व उनके द्वारा की गई ईश्वरीय सेवाओं को याद किया। उन्होंने अपने गुरु डॉ श्याम सुंदर दास का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनके ब्रह्माकुमारीज संस्था से लगाव के संस्मरण सुनाए। ऋषिकेश के महामंडलेश्वर कर्णपल गिरी जी महाराज ने ब्रह्माकुमारीज संस्था को देश व समाज के लिए प्रेरक बताया जो दुनिया को चरित्र निर्माण का संदेश दे रही है।उन्होंने प्रेमलता बहन को एक दिव्य विभूति बताते हुए उनके जीवन से सीख लेने का आव्हान किया। दिल्ली से पधारी वरिष्ठ राजयोगिनी चक्रधारी दीदी ने प्रेम बहन से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाए व उनके द्वारा किये गए सद्कार्यों की चर्चा की। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था की आध्यात्मिक विकास यात्रा का भी जिक्र किया व राजयोग अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सैनी, बीके सोनिया, बीके गीता, श्रीगोपाल नारसन आदि मौजूद रहे।

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