उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक विधानसभा से पारित किया जाना स्वागतयोग्य कदमः गुरदीप सिंह

देहरादून। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार के पूर्व सलाहकार सदस्य एवं उत्तराखंड सिक्ख कोआर्डिनेशन समिति के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह सहोता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 विधानसभा में पारित करवा कर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना करने का पुरजोर स्वागत किया है। इस प्राधिकरण की स्थापना से अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षिक उत्कृष्टता को बढ़ावा तो मिलेगा ही साथ ही अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।
श्री सहोता ने राज्य के मुख्यमंत्री जिनके पास अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का प्रभार भी है, का आभार व्यक्त करते हुए यह आग्रह भी किया कि इस विधेयक के अंतर्गत राज्य के अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त विद्यालयों को आर टी इ में छूट होने के प्रावधान को भी समाप्त किया जाए, ताकि जिस धर्म का अल्पसंख्यक संस्थान हो कम से कम वह अपने धर्म के अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को आर टी इ के प्रावधानों के तहत शिक्षा देना सुनिश्चित करें क्योंकि पूर्व में अल्पसंख्यक विद्यालयों द्वारा अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र का दुरुपयोग आर टी ई से बचने के लिए हथियार के रूप में होता रहा है ।
श्री सहोता ने बताया की उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जहां अल्पसंख्यक शैक्षणिक  संस्थानों को राज्य सरकार द्वारा ही अल्पसंख्यक का दर्जा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा । पूर्व में अल्पसंख्यक दर्जा हासिल करने हेतु भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग , भारत सरकार नई दिल्ली , को आवेदन देने और बड़ी जद्दोजहत के बाद ये प्रमाण पत्र हासिल होता था। मुख्यमंत्री का दिल की गहराईयों से हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए मुझे  यकीन है कि सारे अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा, विशेषकर प्रदेश के समस्त सिक्ख समाज द्वारा इसका स्वागत होगा ।

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