विश्व क्षय रोग दिवस पर स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय की पहल, जागरूकता के साथ 20 मरीजों की देखरेख का दायित्व

डोईवाला/देहरादून। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवं हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में काय चिकित्सा विभाग द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इसके प्रति व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना था। इस अवसर पर हिमालय चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत बीएएमएस 2021 बैच के छात्रों द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से छात्रों ने क्षय रोग के लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय पर उपचार के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। साथ ही “अनुशासित दिनचर्या” एवं “आयुर्वेदिक जीवनशैली” को रोग निवारण में महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीरज श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने टीबी के कारणों, उपचार और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता ही इस बीमारी के उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा छात्रों के प्रयास सराहनीय हैं। काय चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. रवि जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग एवं हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संयुक्त प्रयास से 20 क्षय रोगियों को 6 माह की अवधि के लिए गोद लिया गया है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन रोगियों को उच्च प्रोटीनयुक्त आहार एवं नियमित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।
हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डॉ. अंजना विलियम्स ने बताया कि नर्सिंग छात्र सी.एच.सी. डोईवाला के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में जाकर क्षय रोगियों को नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही रोगियों के साथ सतत संपर्क बनाकर सामाजिक भेदभाव, चिंता एवं अवसाद को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग छात्रों की सक्रिय भागीदारी के परिणामस्वरूप जन-जागरूकता में वृद्धि हुई है, जिससे क्षय रोग के मामलों में धीरे-धीरे कमी देखी जा रही है। इस अवसर पर संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली, कुलसचिव अरविंद अरोड़ा, प्रो. डॉ. अरविंद गुप्ता, प्रो. डॉ. शिशिर प्रसाद, प्रो. डॉ. श्रीमंत चव्हाण, डॉ. पूनम खोट, डॉ. दिपांशु कौशिक, डॉ. साक्षी नेगी, डॉ. पूजा राणा, डॉ. रूपाली बरमोला, डॉ. सोनाली जुगरान, डॉ. अक्षय वर्मा, डॉ. ऐश्वर्य, डॉ. मोहित (चिकित्सा अधिकारी) एवं डॉ. अंजलि सहित अनेक चिकित्सक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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