सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए मैराथन का हुआ आयोजन
देहरादून। उत्तराखंड समेत देश भर में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं सरकारों के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई हैं, जिसको देखते हुए केंद्र स्तर पर 1 से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मंथ का आयोजन किया गया था, ताकि देश भर की जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। हालांकि, वर्तमान समय में रोड सेफ्टी के साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी काफी महत्वपूर्ण है, जिसको लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर मैराथन का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के समीप मंगलवार को सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण मैराथन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित 5 किलोमीटर दौड़ का फ्लैग ऑफ किया, जिसमें तमाम आयु वर्गों के बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने इस दौड़ में हिस्सा लिया।
यही नहीं मैराथन का फ्लैग ऑफ करने से पहले सीएम धामी ने युवाओं को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की शपथ भी दिलाई। दरअसल वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि भारत सरकार के साथ ही अन्य तमाम देश भी इस दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल वार्मिंग की दिशा में बेहतर काम किया जा सके।
ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो रहे क्लाइमेट चेंज के चलते वैश्विक स्तर पर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे निपटने के लिए सिर्फ सरकारें ही काफी नहीं है, बल्कि आम जनता को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी भूमिका निभानी होगी। यही वजह है कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाएं भी राज्य सरकारों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मुख्य रूप से परिवहन विभाग इस बात को मान रहा है कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं ओवर स्पीडिंग और यातायात के नियमों का पालन न करना है। यही वजह है कि राज्य सरकार ड्रिंक एंड ड्राइव, ओवर स्पीडिंग न करने को लेकर जनता को जागरुक कर रही है। वही, सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण मैराथन कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करना और पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
