मास्टर प्लान के तहत विकसित होगा महासू मंदिर सर्किट, एक सौ बीस करोड़ की मिली स्वीकृति

विकासनगर। महासू मंदिर सर्किट को मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब एक सौ बीस करोड़ खर्च किये जाएंगे। इसके जरिये महासू मंदिर हनोल ,बाशिक (महेन्द्रत) पवासी( ठडियार) मंदिरों का सुनियोजित विकास किया जाएगा।
उत्तराखंड के जौनसार बावर, गढ़वाल ,हिमाचल प्रदेश सहित हनोल महासू देवता की ख्याति न्याय के देवता के रूप में है। प्रति वर्ष महासू देवता का जागड़ा पर्व महासू मंदिर मे मनाया जाता है। जागड़ा पर्व पर दूर दराज सहित क्षेत्र के लोग अपने इष्ट आराध्य महासू देवता के दर्शनों को देवता के दरबार मे रात्रि जागरण के लिए पहुंचते हैं। इस साल 6-7 सितम्बर को जागड़ा पर्व मनाया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज जागड़ा पर्व में शिरकत करेंगे। जिसके लिये वे बीते रोज ही यहां पहुंच गये हैं।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने महासू मास्टर प्लान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा विकास में निवेश से पर्यटन, तीर्थाटन और वास्तुकला के सरक्षंण को बढ़ावा देना है। यह मंदिर स्थानीय परम्पराओं और लोक कथाओं को संजोने वाला प्रमुख आध्यात्मिक पूजा और तीर्थ स्थल है। उन्होंने बताया हनोल देवता महासू का पूरा परिसर विकसित किया जाएगा। जिसके लिए एक सौ बीस करोड़ की अनुमानित लागत की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा इसका पूरा मास्टर प्लान केदारनाथ और बदरीनाथ की तर्ज पर बन रहा है।