बिजली बिल माफ नहीं तो सड़क से सदन तक संघर्षः रविंद्र सिंह आनंद

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने मंगलवार को लक्सर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिजली बिलों और बकाया राशि को तत्काल माफ किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोला।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, पशुधन प्रभावित हुआ है और ग्रामीण परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा बिजली बिलों की वसूली किया जाना न केवल अमानवीय है, बल्कि जनविरोधी सोच को भी दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक ऊर्जा प्रदेश है, जहां देश के लिए बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन होता है, लेकिन वही बिजली अपने ही किसानों और ग्रामीणों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने दो टूक शब्दों में कहाकृ“जब उत्तराखंड देश के कई राज्यों को बिजली दे सकता है, तो अपने ही आपदा प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को राहत देना सरकार के लिए कोई कठिन कार्य नहीं होना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार जनता पर आर्थिक बोझ डालने में जुटी हुई है।”
उन्होंने विशेष रूप से गंगा नदी से सटे लक्सर और खानपुर विधानसभा क्षेत्र के उन गांवों का उल्लेख किया, जो अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के कारण लंबे समय तक जलमग्न रहे। इन क्षेत्रों में फसलें तैयार होने के बाद भी खेतों में पानी भरा रहने से किसानों की पूरी मेहनत बर्बाद हो गई। ऐसी स्थिति में इन गांवों के किसानों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं के सभी बिजली बिल पूर्ण रूप से माफ किए जाने चाहिए।

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