नारी शक्ति, स्वस्थ जीवन और मन की शांति पर परिचर्चाओं ने दर्शकों को किया लाभान्वित

देहरादून। गत सप्ताह संपन्न हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों में योग, आरोग्य, स्वास्थ्य एवं अध्यात्म क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर पैनल परिचर्चाओं ने दर्शकों को सुखी जीवन जीने के अनेक माध्यमो से अवगत कराया। इनमें योग की महत्ता, अध्यात्म, महिलाओं द्वारा योग को आगे ले जाना, आयुर्वेद आदि चर्चा के प्रमुख बिंदु रहे। योग महोत्सव के दूसरे दिन ष्उत्तराखण्ड विश्व की योग राजधानीष् विषय पर एक पैनल परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड राज्य की योग ब्रांड एंबेसडर दिलराज प्रीत कौर, शिवानंद आश्रम की मारिया पॉली, योग एवं कॉस्मिक हीलिंग विशेषज्ञ डॉ उर्मिला पांडेय तथा अष्टावक्र योग में विश्व कीर्तिमान धारक डॉ प्रिया अहूजा ने शिरकत की। इस एक घंटे की परिचर्चा सत्र में विशेषज्ञों ने उत्तराखंड की अनोखी योग विरासत के साथ देश-विदेश से मन की शांति की खोज में आए लोगों को राज्य के द्वारा शरण दिया जाना, बीटल आश्रम, योग द्वारा रोजगार सृजन आदि के विषय पर प्रकाश डाला।
स्फूर्तिवान और ऊर्जावान रहने के गुर बताए। तीसरे दिन परिचर्चा सत्र में “मस्तिस्क, शरीर और आत्मा” विषय पर देश के विभिन्न एक्सपर्ट्स ने विचार प्रकट किए। इस परिचर्चा में आर्ट ऑफ लिविंग के विराट चिरिनिया ने मानव जीवन में विचारों में पर नियंत्रण हेतु मन और शरीर के जुड़ाव के बारे में जानकारी दी।
इसी कार्यक्रम में कॉस्मिक हीलिंग” एक्सपर्ट डॉ. उर्मिला पांडेय ने ‘प्राणिक निद्रा’ के बारे में व्याख्यान देते हुए विस्तृत जानकारी दी। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि मानव जीवन के व्यस्ततम दिनचर्या के दौरान रोजाना 5 मिनट ध्यान करके कैसे मनुष्य अपने जीवन को स्फूर्तिवान और ऊर्जावान बन सकता है। उन्होंने ‘प्राणिक निद्रा’ विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए यह भी जानकारी दी कि मनुष्य किस प्रकार अंतर जगत की यात्रा कर सकता है।
वहीं, ख्यातिप्राप्त नाड़ योग गुरु डॉ. नवदीप जोशी ने मन पर नियंत्रण हेतु योग विज्ञान में नाड़ योग साधना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। इस पैनल परिचर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने वहां मौजूद लोगों के सवालों के जवाब दिए।

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