आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के 6 अधिकारियों के प्रभार बदले
देहरादून। उत्तराखंड शासन में ब्यूरोक्रेसी के स्तर पर एक बार फिर अहम बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और सचिवालय सेवा के छह वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल करते हुए उनके तबादले किए हैं। शासन के कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। उप सचिव दीपक कुमार द्वारा जारी आदेश में सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए विभागों का कार्यभार ग्रहण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
शासन की जारी तबादला सूची के अनुसार, 2012 बैच के आईएएस अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के दायित्वों में बदलाव किया गया है। उन्हें अपर सचिव, राजस्व विभाग के पदभार से अवमुक्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर उन्हें अब अपर सचिव, गृह विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोगदंडे के पास वर्तमान में मौजूद आयुष, निर्वाचन और स्टाफ आफिसर मुख्य सचिव जैसे अन्य विभाग यथावत रहेंगे। इसी तरह, 2013 बैच के आईएएस डा. आनंद श्रीवास्तव, जो वर्तमान में अपर सचिव-राजस्व, कृषि व कृषक कल्याण का जिम्मा संभाल रहे हैं, के दायित्वों में वृद्धि की गई है। उन्हें अब अपर सचिव-नागरिक उड्डयन तथा महानिदेशक-कृषि एवं उद्यान का नया जिम्मा भी प्रदान किया गया है। इसके अलावा, 2017 बैच के आईएएस विनोद गिरी गोस्वामी को अपर सचिव-आवास विभाग के पदभार से मुक्त कर दिया गया है। उनके पास शहरी विकास और सीईओ भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण का प्रभार बना रहेगा।
शासन ने प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारी सुन्दर लाल सेमवाल के प्रभार में भी कटौती की है। उन्हें अपर सचिव, समाज कल्याण विभाग के दायित्व से अवमुक्त कर दिया गया है। वहीं, सचिवालय सेवा के अधिकारी सुनील सिंह को अपर सचिव, गृह विभाग के प्रभार से हटाकर अब अपर सचिव-आवास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह अपर सचिव-राजस्व का जिम्मा भी संभालते रहेंगे। इधर, शासन ने बाध्यप्रतीक्षा में चल रहीं सचिवालय सेवा की वरिष्ठ अधिकारी महिमा रौंकली को भी नई तैनाती दे दी है। आदेश के मुताबिक, उन्हें अपर सचिव-राजस्व एवं सैनिक कल्याण विभाग का महत्वपूर्ण प्रभार सौंपा गया है। कार्मिक विभाग के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर नवीन तैनाती का कार्यभार ग्रहण करते हुए शासन को इसकी आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है।
