सनातन व संतों की तपस्या को बदनाम करने का हो रहा षड़îंत्रः गौतम
देहरादून। प्रदेश के ब्राह्मण संगठनों के संयुक्त मंच उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ की 6 सहारनपुर रोड पर हुई। बैठक में सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद भवन के मकर द्वार पर भगवा वेश धारण कर की गई नौटंकी व उसमें शामिल कांग्रेस व सपा के सांसदों की कृत्य की भर्त्सना की गई तथा उक्त कृत्य को सनातन व संतों की तपस्या को बदनाम करने का षड़îंत्र बताया। बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने कहा कि विपक्ष द्वारा संतों को चढ़ावा चोरी में शामिल दिखाने की कोशिश की गई। जबकि जांच में कर्मचारी दोषी पाए गए, कोई संत नहीं। जो लोग निमंत्रण के बावजूद अयोध्या नहीं गए तथा जिन्होंने भगवान श्रीराम मंदिर में एक पैसा भी नहीं चढ़ाया वे मंदिर चढ़ावा प्रकरण को उठा रहे हैं। महासंघ उनके सनातन विरोधी हरकतों की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
महासंघ के महासचिव डॉ.वी.डी. शर्मा ने कहा कि बिहार के बदनाम माफिया सांसद पप्पू यादव पर हत्या प्रयास, रंगदारी, अवैध कब्जों के चालीस से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, ने संसद के बाहर घंटों स्वांग किया, इनका मकसद केंद्र सरकार व गृहमंत्री को उक्त मामले में कटघरे में खड़ा करने का प्रयास मात्र था। महासंघ के पूर्व महासचिव शशि शर्मा ने कहा कि महासंघ एक पंजीकृत ट्रस्ट हैं, इसमें आठ ब्राह्मण संगठन संबद्ध हैं, प्रदेश के अन्य ब्राह्मण संगठनों से संबद्धता हेतु वार्ता चल रही हैं। ब्राह्मण हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। कौमन मिनिमम मुद्दों के तहत हम अन्य ब्राह्मण संगठनों को सहयोग देने को तैयार हैं।
एस.एन.उपाध्याय ने प्रस्ताव रखा कि नगर में सनातन धर्म के महान संत तुलसी दास जी की प्रतिमा लगाने हेतु मेयर से निवेदन किया जाए। जिसका सभी ने अनुमोदन किया। इसके अतिरिक्त ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच से जुड़ने से पूर्व मंच के मुख्य संयोजक महंत रविंद्रपुरी महाराज से महासंघ का एक प्रतिनिधि मंडल भेंटकर कुछ शंकाओं का समाधान करेगा। इनके अतिरिक्त पंडित रामप्रसाद प्रसाद उपाध्याय, अवनीश कांत शर्मा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, रूपचंद शर्मा, आदि ने भी विचार रखे।
