सरकारी खरीद में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन होंगे अनिवार्य
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक देहरादून सचिवालय में हुई। मंत्रिमंडल की बैठक बेहद खास रही। धामी मंत्रिमंडल की बैठक में 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इनमें ऊर्जा बचत, पर्यटन, परिवहन और ग्रामीण व्यवस्थाओं से जुड़े कई बड़े फैसलों रहे।
कैबिनेट के फैसले से एक अधिकारी, एक वाहन का फॉर्मूला लागू किया गया। राज्य सरकार जल्द नई ईवी पॉलिसी लाएगी, जिसमें सरकारी खरीद में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य होगे। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। कैबिनेट में बेड एंड ब्रेकफास्ट और होमस्टे प्रस्ताव को मंजूरी दी है। घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार “विजिट माय स्टेट” अभियान चलाएगी। इसके तहत धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण, विरासत और इको-टूरिज्म सर्किट का व्यापक प्रचार किया जाएगा। डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने और सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था लागू करने का फैसला कैबिनेट में लिया गया।
बता दें पीएम मोदी ने हाल ही में ऊर्जा संसाधनों के कम उपयोग करने और अगले एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील जनता से की है। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिला है क्योंकि मंत्री और विधायक अब काफिला छोड़ टू व्हीलर वाहनों पर आवाजाही करते दिखाई दिए। उत्तराखंड सरकार मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऊर्जा संसाधनों के कम उपयोग किए जाने को लेकर कई ठोस निर्णय लिये हैं। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस व यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं। सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज ज्ञान अनिवार्य किया गया है। सगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान किया गया है। विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंत्री मंडल ने मंजूरी दी है। उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी दी है। यूपीसीएल, यूजीवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में भी संशोधन किया जाएगा।
’नो व्हीकल डे’
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “नो वाइक्ल डे ” के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकारी एवं निजी भवनों में एसी के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।
एक अधिकारी, एक वाहन
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उन्हें एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।
’ईवी पॉलिसी’
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर ईपी होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग स्टेशन व नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
विजिट माई स्टेट अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।राज्य में डेस्टिनेशन वैडिंग को प्रोत्साहन और सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
’”मेरा भारत, मेरा योगदान”’
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “मेड इंन स्टेट अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “मेड इंन इण्डिया” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।
’खाद्य तेल की खपत घटाना’
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लो ऑयल मैन्यू” अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
’प्राकृतिक खेती को बढ़ावा’
किसानों को नेचुरअल फार्मिंग, जीरो बजट फार्मिंग और बायो इनपुटस का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
’स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा’
पीएनजी कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया। माईनिंग, सोलर और पॉवर प्रोजेक्ट की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।
उत्तराखंड में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी
बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने से लेकर होमस्टे नियमों में बदलाव, मेडिकल कॉलेजों के पुनर्गठन और ऊर्जा विभाग में नई नियुक्तियों तक कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। हर जिले में शुरुआती चरण में 10 गांवों का लक्ष्य तय किया गया है। चकबंदी के लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी और आपत्तियों का निस्तारण भी किया जाएगा। यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए सरकार ने होमस्टे संचालन की सीमा बढ़ा दी है। अब होमस्टे में 6 की जगह 8 कमरे तक संचालित किए जा सकेंगे। साथ ही संचालक का उसी परिसर में रहना अनिवार्य होगा। होमस्टे का नवीनीकरण अब स्वतः हो जाएगा।
मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग में बड़े फैसले
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा। लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद सृजित होंगे। फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पदों को मंजूरी दी गई।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और अल्पसंख्यक शिक्षा को मंजूरी
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए 16 पदों को मंजूरी दी गई। वहीं उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत नई शैक्षिक नियमावली को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दी। इसमें मान्यता आवेदन प्रक्रिया, नवीनीकरण और मान्यता समाप्त करने के नियम तय किए गए हैं।
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में बदलाव
कैबिनेट ने लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य होगी। पहले जहां डीपीआर बनाई जाती थी, अब उसकी जगह प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पंचायतों को निर्माण कार्य के लिए ज्यादा धन
सरकार ने पंचायतों को मिलने वाली निर्माण धनराशि भी बढ़ा दी है। अब प्रति पंचायत 10 लाख रुपये के बजाय 20 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।
