नीयत साफ करे भाजपा, तुरंत लागू करे 33 प्रतिशत आरक्षणः आर्य
देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार को महिला आरक्षण कानून 2023 की मूल भावना के अनुरूप वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में मौजूदा सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करना चाहिए।
यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने में देरी कर रही है, जिससे उसकी नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसके लिए केंद्र को दोबारा संविधान संशोधन लाना पड़े तो संसद का विशेष सत्र बुलाकर इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रही है। विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों द्वारा किए गए जोरदार धरनाकृप्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण, सुरक्षा और सम्मान को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों द्वारा प्रस्तुत संकल्प को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार न करना लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बावजूद उसकी अधिसूचना में देरी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर किन कारणों से इस कानून को लागू करने में इतना विलंब किया गया।
केंद्र सरकार के हालिया विधेयकों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि लोकसभा सीटों में प्रस्तावित वृद्धि लागू होती है तो उत्तराखंड की हिस्सेदारी घट सकती है, जो राज्य के हितों के खिलाफ होगा। उन्होंने भाजपा सांसदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रदेश के अधिकारों की अनदेखी है। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण सहित कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने में लगी है और अब तक प्रमुख आरोपियों का खुलासा न होना गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने जंगली जानवरों के हमलों में महिलाओं की बढ़ती मौतों पर भी सरकार की निष्क्रियता को कठघरे में खड़ा किया। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार महिला आरक्षण लागू करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है तो कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।
