देहरादून में महिला साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। सेवाभाव फाउंडेशन द्वारा महिला साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, छात्रों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल जिम्मेदारी तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला पेशेवरों, छात्रों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण महिला सशक्तिकरण पर आधारित प्रेरणादायक काव्य सत्र रहा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध कवि दिनेश डबराल जी द्वारा महिला सशक्तिकरण पर आधारित ओजस्वी काव्य पाठ से की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से प्रेरित किया। वहीं, समापन सत्र में प्रसिद्ध कवि कुलदीप धारवाल जी ने महिलाओं के सम्मान, शक्ति एवं आत्मनिर्भरता पर आधारित प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को सार्थक समापन प्रदान किया। कार्यक्रम के विशेष सत्र में उत्तराखंड पुलिस के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ मनोज बेनिवाल ने साइबर खतरों, ऑनलाइन फ्रॉड के विभिन्न तरीकों, डिजिटल जोखिमों एवं उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उनका सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं जानकारीपूर्ण रहा। कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं के रूप में डॉ. जुही गर्ग, प्रिया गुलाटी एवं अदिति शर्मा ने भी सहभागिता की और महिला सशक्तिकरण, डिजिटल जागरूकता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इस संपूर्ण पहल का नेतृत्व सेवाभाव फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं संस्थापक सौम्या बेनिवाल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
वहीं, संस्था के सचिव एवं संस्थापक आशीष बेनिवाल ने कार्यक्रम की संगठनात्मक योजना, सामुदायिक समन्वय एवं सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेवाभाव फाउंडेशन ने अपने सभी समर्थकों, सहयोगी संस्थाओं एवं शुभचिंतकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले समर्पित स्वयंसेवकों कृ प्रिंस दिवस डबराल, अमित नौटियाल, उज्ज्वल नौटियाल, शालू राजपूत, शिवानी द्विवेदी एवं अन्य स्वयंसेवकों कृ का विशेष धन्यवाद किया गया। इन स्वयंसेवकों का समर्पण समाज के अन्य लोगों को भी महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा और सशक्तिकरण के इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
यह कार्यक्रम छात्रों, महिला पेशेवरों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूकता फैलाने में एक सशक्त कदम साबित हुआ।

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