राज्य सरकार सत्ता के नशे में चूर, केन्द्र सरकार कर रही युवाओं की उम्मीदों का दमनः जोत सिंह बिष्ट

देहरादून। आप पार्टी के प्रदेश संगठन समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपनी दूसरी पारी के 100 दिन पूरा करने की जश्न की तैयारी में मशगूल होकर यह भूल गई है कि, केंद्र सरकार की तानाशाही रवैया के कारण देश में जो हालात हैं वह 1977 के आपातकाल से भी बदतर हैं। केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी पार्टी के नेताओं को सीबीआई और ईडी के माध्यम से डरा धमकाकर भाजपा में शामिल करवाना एक चलन बन गया है। केंद्र की मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों का पुरजोर तरीके से विरोध करने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को झूठे सच्चे मुकदमों के नाम पर ईडी की जांच के माध्यम से प्रताड़ित किया जा रहा है उन्हे जेल में डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र की टांग पर लगातार प्रहार करके लोकतंत्र को लूला लंगड़ा करने के लिए कटिबद्ध है। इस से स्पष्ट होता है कि सरकार की उच्च पदों पर बैठे लोगों ने देश की सेना के स्वरूप के साथ एक ऐसी छेड़छाड़ की है, जो सेना के मनोबल को कमजोर करने वाली है। अग्निपथ योजना अग्निवीर नाम का एक ऐसा जवान तैयार करेगी, जो 4 साल सेना में अपनी सेवाएं देने के दौरान 2 साल का कार्यकाल प्रशिक्षण और छुट्टियों के रूप में बिता देगा, वो 2 साल सीमाओं पर चैकसी के लिए समय देगा और 4 साल पूरा करने के बाद अपने भविष्य के रोजगार की तलाश में सड़कों पर होगा। अग्निपथ योजना के विरोध को दबाने के लिए सारे हथकंडे नाकाम होता देख कर हमारे हुक्मरानों ने एक षड्यंत्र के तहत महाराष्ट्र की सरकार को तोड़ने का कुचक्र चला और सत्तापक्ष के विधायकों को डरा कर धमकाकर सूरत में पुलिस द्वारा पिटवा कर लालच देकर सरकार गिराने का षडयंत्र रचा और उस के माध्यम से अग्निपथ योजना की खामियों से लोगों को का ध्यान हटाने की जो चाल चली ,उसको पूरा देश देख रहा है। अग्निपथ के खिलाफ चल रहे आंदोलन का भविष्य क्या होगा लेकिन फिलहाल केंद्र सरकार महाराष्ट्र के घटनाक्रम से खुश है कि देश की एक और राज्य में उनकी सरकार बनेगी ,जो कि देश की आर्थिक राजधानी भी है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करने की जरूरत है, जिसके लिए आम आदमी पार्टी एक शांतिपूर्ण आंदोलन की पक्षधर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *